समझौता हो या नहीं, युद्व से हटेगा अमेरिका

समझौता हो या नहीं, युद्व से हटेगा अमेरिका
ट्रंम्प बोले  ..दो-तीन सप्ताह में रूकेगी जंग, आज जनता के सामने रखेंगे पक्ष
ईरान का इस्त्राइली जहाज, कतर तट पर टैंकर व कुवैत हवाई अड्डे पर हमला
इस्त्राइल ने कुद्स फोर्स की इंजीनियरिंग शाखा के प्रमुख वफाई को मार गिराया
वाशिंगटन/तेल अवीव/दुबई। अमेरिका अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर ईरान युद्व से हट जायेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप ने इसका एलान करते हुए कहा कि अमेरिका संघर्ष को खत्म करने के करीब है, चाहे ईरान के साथ कोई औपचारिक समझौता हो या नहीं। उन्होंने कहा, हम बहुत जल्द वहाँ से निकल जायेंगे और जरूरत पड़ी तो फिर हमला करेंगे। ट्रंप इस मुद्दे पर भारतीय समय के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह 6ः30बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसमें वह युद्व को लेकर अपना पक्ष् जनता को बतायेंगे।
इस बीच, ईरान और इस्त्राइल ने एक-दूसरे के ठिकानों पर मंगलवार रात और बुधवार को भी हमले किये। ईरान ने एक इस्त्राइली कंटेनर जहाज, तेल टैंकर और कुवैत हवाई अड्डे को निशाना बनाया, जबकि इस्त्राइल ने तेहरान के साथ बेरूत में भीषण बमबारी की, जिसमें सात लोग मारे गये। कुद्स फोर्स की इंजीनियरिंग शाखा के प्रमुख महदी वफाई को भी मार गिराया।
ट्रंम्प  के युद्व से हटने के दावे के बीच अमेरिका पश्चिम एशिया में हजारों सैनिकों की तैनाती भी कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया, विमानवाहक पोत एूएसएस जॉर्ज एच डब्लू बुश मंगलवार को खाड़ी क्षेत्र के लिए रवाना हुआ है। इसके साथ तीन विध्वंसक पोत भी हैं। युद्वपोत पर 6,000 से अधिक नौसैनिक हैं। 82वीं एअरबोर्न डिविजन के हजारों सैनिक भी पश्चिम एशिया पहुंचने लगे हैं। इनमें 1,500 पैराटूपर्स शामिल है, जिन्हें ट्रंम्प प्रशासन ने पिछले सप्ताह इस क्षेत्र में भेजने का फैसला किया था।
ईरान का बहरीन में अमेजन परिसर पर हमला
ईरान ने बहरीन में अमेजन के दफ्तर पर हमल किया। इसमें अमेजन के क्लाउड कंप्यूटिंग ऑपरेशन को नुकशान पहुुंचा है। पिछले हफ्ते बहरीन में अमेजन की वेब सेवा बाधित हुई थी। ईरान ने धमकी दी थी कि वह 1 अप्रैल से खाड़ी में एपल, गूगल, समेत 18 अमेरिकी कंपनियों पर हमले करेगा।
ईरान ने कुवैल में हवाईअड्डे पर ड्रोन दागे, जिससे ईधन टैंकों में आग लग गयी। ईरान ने यूएई तट पर अमेरिकी मरीन के ठिकानों को निशाना बनाया। बहरीन में अमरिकी पांचवे बेड़े के ड्रोन-रोधी तंत्र को नष्ट कर दिया।
कतर के पास कतर एनर्जी के तेल टैंकर पर हमला किया।
फारस की खाड़ी में इस्त्राइल के एक्सप्रेस हलफोंग  कंटेनर पर मिस्त्राइलों से हमला किया गया।
ईरान की केमिकल फैक्टरी पर निशाना
ईस्त्राइल ने कहा, उसने ईरान की तेहरान केमिकल फैक्टरी पर हमला किया, जहाँ से रासायनिक हथियार बनाने के लिए  फैनटोनिल  की आपूर्ति की जा रही थी। ईरान ने तोफिग दारू फैक्टरी पर हमले की पुष्टि की।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराधची ने फैक्टरी की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, इस्त्राइल अब बेशर्मी से दवा कंपनियों पर बमबारी कर रहा है। अस्पतालों में गंभीर दर्ज के इलाज के लिए फेटानिल का उपयोग होता है। इस्त्राइल का आरोप है, ईरान बारूद के साथ फेंटानिल प्रयोग कर रहा है।
जमीन के नीचे ढांचे तैयार करता था वफाई
इस्त्राइली सेना के हमले में मारे गये कुद्स फोर्स के लेबनान कोेर की इंजीनियरिंग शाखा का प्रमुख महदी वफाई लेबनान और सीरिया के भूमिगत ढ़ांचे तैयार करने के काम को अंजाम दे रहा था। इस्त्राइली सेना ने कहा, वफाई हिजबुल्ला व असद शासन के लिए काम कर रहा था।
ईरान में अब सत्ता  संघर्ष, आईआरजीसी ने हाथ में लिया सरकार का नियंत्रण: रिपोर्ट
कई सरकारी फैसलोेेें को रोका, राष्ट्रपति पेजेश्कियन की भूमिका सीमित, अलग-थलग पड़े
भारतीय किसान मोर्चा पार्टी समाचार
नई दिल्ली। अमेरिका व इस्त्राइल के साथ चल रहे युद्व के बीच ईरान में सत्ता संघर्ष शुरू हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आरआरजीसी) और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच सत्ता  संघर्ष चल रहा है। सरकारी नियुक्तियों और फैसलों में पेजेश्कियन की भूमिका सीमित हो गयी है और वह अलग-थलग पड़ गये हैं, जबकि आईआरजीसी ने सरकार को वास्तविक नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है।
ईरान इंटरनेशनल और लंदन स्थित एक फारसी भाषा के समाचार चैनल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के अनुसार, उदारवादी नेता के रूप में पहचाने जाने वाले पेजेश्कियन पूरी तरह से राजनीतिक गतिरोध में फंस गये हैं। देश के महत्वपूर्ण कामों में आईआरजीसी की भूमिका बढ़ गयी है और उसने कई महत्वपूर्ण सरकारी फैसलोें और नियुक्तियों को रोक दिया है। हाल ही में हुई ईरानी खुफिया मंत्री की नियुक्त के मामले में यह देखने को मिला, जब पेजेश्कियन की तरफ से प्रस्तावित नामों को खारिज कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने हुसैन देहगान का नाम सुझाया था, लेकिन आईआरजीसी के टॉप कमांडर अहमद वहीदी ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा युद्व जैसे हालात में संवेदनशील और अहम पदों पर नियुक्ति का अधिकार सिर्फ आईआरजीसी के पास ही रहेगा। इसी वजह से ईरानी राष्ट्रपति की ओर से दिये गये उम्मीदवरों के नाम आगे नहीं बढ़ाया गया।
होमुर्ज खुला तो भी बना रहेगा संकट, बिगड़ी रहेगी आपूर्ति  शृखंला 
ईरान की आंशिक नाकेबंदी के कारण करीब 2,000 जहाज इस समय क्षेत्र में फंसे, हालात सामान्य होने में लगेंगे महीनों
भारतीय किसान मोर्चा पार्टी समाचार
दोहा। होर्मुज स्ट्रेट में जारी टकराव ने केवल तात्कालिक ऊर्जा आपूर्ति ही नहीं रोकी है, बल्कि वैश्यिक शिपिंग और व्यापार व्यवस्था की बुनीयादी संरचना पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं। विशेषज्ञों ने कहा, भले ही यह अहम समुद्री मार्ग तुरन्त खुल जाये, आपूर्ति शृखंला  सामान्य होने में महीनों लगेंगे और इस बीच उद्योग को बढ़ते जोखिम, मंहगें बीमा और वैकल्पिक मार्गों के स्थायी इस्तेमाल जैसे बड़े बदलावों का सामाना करना पड़ेगा।
इकोनॉमिस्टर इंटेलिजेंस यूनिट के विश्लेषक निक मैरो व एनएसआई इंश्योरेंस गु्रप के सीईओ ऑस्कर सेइकली के अनुसार यह संकट जहाज उद्योग को स्थायी रूप से बदल सकता है। अन्तराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के अनुसार ईरान की आंशिक नाकेबन्दी के कारण करीब 2,000 जहाज इस समय क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इनमें से लगभग 4000 जहाज ओमान की खाड़ी में इन्तजार कर रहे हैं।

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